नाड़ी दोष क्या होता है? प्रकार, परिहार और उपाय
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नाड़ी दोष कुंडली मिलान की सबसे ज़्यादा चर्चित समस्या है। यह तब होता है जब वर और वधू की नाड़ी एक ही हो। नाड़ी कूट 36 में से 8 अंकों का होता है, जो किसी भी कूट से ज़्यादा है, इसलिए नाड़ी दोष से एक साथ 8 अंक कट जाते हैं।
नाड़ी क्या है?
आयुर्वेद में तीन प्रकृति होती हैं: वात, पित्त और कफ। कुंडली मिलान में 27 नक्षत्र तीन नाड़ियों में बंटे होते हैं:
| नाड़ी | प्रकृति | नक्षत्र |
|---|---|---|
| आदि | वात | अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, ज्येष्ठा, मूल, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद |
| मध्य | पित्त | भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, उत्तरा भाद्रपद |
| अंत्य | कफ | कृत्तिका, रोहिणी, आश्लेषा, मघा, स्वाति, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, रेवती |
अलग नाड़ी = 8 में से 8 अंक। एक ही नाड़ी = 0 अंक, यही नाड़ी दोष है।
नाड़ी दोष कैसे देखें
- दोनों का जन्म नक्षत्र जानें। यह आपकी मुफ़्त कुंडली में सबसे ऊपर दिखता है।
- ऊपर की तालिका में दोनों नक्षत्र देखें।
- अगर दोनों एक ही पंक्ति में हैं, तो नाड़ी दोष है।
या सीधे हमारे कुंडली मिलान टूल में दोनों का विवरण डालें। वह नाड़ी का अंक और दोष दोनों दिखाता है।
नाड़ी दोष के प्रकार
- आदि नाड़ी दोष: दोनों के नक्षत्र आदि नाड़ी में।
- मध्य नाड़ी दोष: दोनों मध्य नाड़ी में। कुछ ज्योतिषी इसे सबसे गंभीर मानते हैं, पर ग्रंथों में इस पर एक राय नहीं है।
- अंत्य नाड़ी दोष: दोनों अंत्य नाड़ी में।
नाड़ी दोष का परिहार (कब भंग होता है)
- राशि एक, नक्षत्र अलग। जैसे दोनों मेष राशि के हों, पर एक अश्विनी और दूसरा भरणी।
- नक्षत्र एक, राशि अलग। कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा और पूर्वा भाद्रपद दो राशियों में फैले होते हैं।
- नक्षत्र एक, चरण अलग।
- कुछ परंपराओं में दोनों के राशि स्वामी एक या मित्र हों।
नाड़ी दोष कितना गंभीर है?
तीन नाड़ियां होने के कारण लगभग हर तीसरे जोड़े में नाड़ी दोष बनता है। परिहार के नियम भी अक्सर लागू होते हैं। नाड़ी दोष को “ब्लड ग्रुप” या आनुवंशिक समस्या से जोड़ने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। संतान से जुड़ी स्वास्थ्य चिंता हो तो डॉक्टर से बात करें।
सही तरीका है नाड़ी को पूरे स्कोर के साथ पढ़ना। देखें कितने गुण मिलने चाहिए और मांगलिक दोष भी जांचें।
नाड़ी दोष के उपाय
महामृत्युंजय मंत्र का जाप, नाड़ी दोष निवारण पूजा, अन्न, स्वर्ण या गौ दान पारंपरिक उपाय हैं। ये आस्था के विषय हैं। कोई उपाय अनिवार्य नहीं है, और किसी दबाव में आकर पैसे खर्च न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नाड़ी दोष क्या होता है?
कुंडली मिलान में जब वर और वधू की नाड़ी (आदि, मध्य या अंत्य) एक ही हो, तो नाड़ी कूट में 8 में से 0 अंक मिलते हैं। इसे नाड़ी दोष कहते हैं। नाड़ी जन्म नक्षत्र से तय होती है।
नाड़ी दोष कब भंग होता है?
राशि एक हो पर नक्षत्र अलग हों, नक्षत्र एक हो पर राशि अलग हो, या नक्षत्र एक हो पर चरण अलग हों, तो नाड़ी दोष भंग माना जाता है। कुछ परंपराओं में दोनों के राशि स्वामी एक या मित्र हों तो भी दोष नहीं माना जाता।
क्या नाड़ी दोष में शादी हो सकती है?
हाँ, बहुत से विवाह होते हैं। अगर दोष भंग हो या बाकी मिलान मज़बूत हो, तो कई ज्योतिषी विवाह की अनुमति देते हैं। यह आठ में से एक कूट है, अंतिम फ़ैसला नहीं।
ज्योतिष एक पारंपरिक मान्यता है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन के लिए है, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।