कुंडली में लग्न क्या है? लग्न और राशि में अंतर

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इस लेख में
  1. लग्न, राशि और सूर्य राशि
  2. अपना लग्न कैसे जानें
  3. लग्नेश (लग्न का स्वामी)
  4. 12 लग्न और उनके स्वामी
  5. योगकारक ग्रह
  6. सही जन्म समय क्यों ज़रूरी है

लग्न वह राशि है जो आपके जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी। यह कुंडली का पहला भाव है और बाकी सभी भाव इसी से गिने जाते हैं। चंद्र राशि मन के बारे में बताती है, जबकि लग्न शरीर, स्वभाव और जीवन की दिशा के बारे में।

लग्न, राशि और सूर्य राशि

लग्न राशि (चंद्र राशि) सूर्य राशि
क्या है जन्म के समय पूर्व में उदय होती राशि चंद्रमा की राशि सूर्य की राशि
कितनी देर में बदलती है लगभग 2 घंटे लगभग ढाई दिन लगभग 1 महीना
जन्म समय ज़रूरी? हाँ, सही समय आम तौर पर नहीं नहीं
क्या बताती है शरीर, स्वभाव, जीवन मन, भावनाएं आत्मा, पिता, अधिकार

अपना लग्न कैसे जानें

  1. जन्म तिथि, सही समय और स्थान लें। समय सबसे ज़रूरी है।
  2. मुफ़्त कुंडली बनाएं।
  3. लग्न सबसे ऊपर लिखा होता है। उत्तर भारतीय कुंडली में ऊपर बीच वाला खाना पहला भाव है, और उसमें लिखा अंक लग्न की राशि है।

लग्नेश (लग्न का स्वामी)

लग्न राशि का स्वामी ग्रह लग्नेश कहलाता है। यह कुंडली का सबसे ज़रूरी ग्रह है। लग्नेश जिस भाव में बैठा हो, जीवन की ऊर्जा उसी तरफ़ जाती है: दसवें भाव में करियर, सातवें में साझेदारी, चौथे में घर-परिवार।

12 लग्न और उनके स्वामी

लग्न स्वामी पारंपरिक स्वभाव
मेष मंगल सीधा, ऊर्जावान, जल्दी शुरुआत करने वाला
वृषभ शुक्र स्थिर, व्यावहारिक, आराम पसंद
मिथुन बुध जिज्ञासु, बातूनी, लचीला
कर्क चंद्र देखभाल करने वाला, भावुक, घरेलू
सिंह सूर्य आत्मविश्वासी, उदार, नेतृत्व पसंद
कन्या बुध सावधान, विश्लेषक, सेवाभावी
तुला शुक्र संतुलित, मिलनसार, न्यायप्रिय
वृश्चिक मंगल गहरा, निजी, दृढ़
धनु गुरु आशावादी, सिद्धांतवादी, ज्ञानप्रिय
मकर शनि अनुशासित, धैर्यवान, महत्वाकांक्षी
कुंभ शनि स्वतंत्र, आदर्शवादी, विचारशील
मीन गुरु कोमल, कल्पनाशील, आध्यात्मिक

योगकारक ग्रह

जो ग्रह किसी लग्न के लिए केंद्र (1, 4, 7, 10) और त्रिकोण (5, 9) दोनों का स्वामी हो, उसे योगकारक कहते हैं:

इनकी दशा अक्सर जीवन का अच्छा दौर होती है।

सही जन्म समय क्यों ज़रूरी है

लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है। गलत समय से लग्न बदल सकता है, और लग्न बदला तो सारे भाव बदल जाते हैं। चंद्र राशि और नक्षत्र पर समय का असर बहुत कम होता है। कुंडली पढ़ने का पूरा तरीका यहाँ पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुंडली में लग्न क्या होता है?

जन्म के समय और स्थान पर पूर्वी क्षितिज पर जो राशि उदय हो रही थी, वही लग्न है। यही कुंडली का पहला भाव बनती है और बाकी सभी भाव इसी से गिने जाते हैं।

लग्न और राशि में क्या अंतर है?

लग्न उदय होती राशि है और लगभग हर दो घंटे में बदलती है, इसलिए सही जन्म समय चाहिए। राशि चंद्रमा की राशि है, जो ढाई दिन में बदलती है। लग्न शरीर और जीवन की दिशा बताता है, राशि मन और भावनाएं।

अपना लग्न कैसे पता करें?

जन्म तिथि, सही समय और स्थान से कुंडली बनाएं। उत्तर भारतीय कुंडली में ऊपर बीच वाले खाने में लिखा अंक आपकी लग्न राशि है: 1 मेष, 2 वृषभ, और इसी तरह 12 मीन तक।

ज्योतिष एक पारंपरिक मान्यता है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन के लिए है, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।